जंगल का कानून-दिमागी फितूर

जंगल का कानून/दिमागी फितूर

गया देखनें एक दिन
जंगल का कानून
गधे सयानें हो रहे
उछल रहा बबून
चतुर चालाक लोमड़ी
लेकिन खट्टे हैं अंगूर
दोनो हाथ घी में सने
कूद रहे लंगूर
अपनी ढपली अपनी राग
रहे सियार अलाप
कुत्तों के आतंक से
शेर रहे हैं काँप
गधे लग़्जरी कार में
खूब रहे हैं घूम
नागनाथ के हाथ में
जंगल का कानून ।

©अनुरोध कुमार श्रीवास्तव


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10 Comments

madhura

02-Feb-2025 09:57 AM

v nice

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shweta soni

16-Jul-2022 11:05 PM

Nice 👍

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Inayat

05-Mar-2022 01:31 AM

Nice

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